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Showing posts with the label Anu Mehta

मेरी प्यारी दोस्त

क्या   बताऊँ   उसकी तारीफ़   में,   चाँद   सा   मुखड़ा ,  अदाओं   में   नखरा ,  उसका यू   मुस्कुरना   और  मुस्कुरा   के   यू   शर्माना, कितना अच्छा लगता है, अब क्या   बताऊँ मैं, कैसी है मेरी दोस्त, फूलो   से   अच्छी   उसकी खुशबू   है ,  कलियों   से   प्यारी   उसकी मुस्कान ,                                                            कोयल   से   प्या री   उसकी   बोली,  अब क्या   बताऊँ मैं, कैसी है मेरी दोस्त, नटखट   है   पर   सबसे   प्यारी   है   मेरी दोस्त,   सब   से   अलग   वो   तो   दिवानी   है मेरी दोस्त हंसती   है   और   मुझको   भी   खूब   हँसाती   है ,  जब   ...

Suno Aakdu

सुनो मैं अपने माँ बाप को छोड़ कर तुम्हारे पास आऊंगी.......... अपना आंगन , अपनी गलियां और अपना वो घर सब छोड़ जाऊँगी फिर तुम्हारे सिवा मेरी कोई दुनिया नहीं होगी............. जितनी भी ज़िन्दगी होगी , बस तुम्हारे लिए और तुम्हारे साथ होगी.... फिर हम अपनी एक अलग दुनिया बसाएंगे …….. तुम्हारे घर को हम मिल कर जन्नत बनाएंगे ! माँ बाप और भाई ने जो इज्जत इतने सालों से संभाल रखी थी........ वो बडे प्यार और विश्वास से आने वाले कल तुम्हारे हाथो मे सौंप देगे और बस कुछ दिनों में हमारी शादी हो जाएगी ………………… फिर मैं अपनों से पराये होकर सिर्फ तुम्हारी हो जाओगी ! मेरी मम्मी-पापा , मेरा भाई – बहन खड़े होंगे , एक कोने में चुप-चाप केवल मुझे देख रहे होंगे................. मेरी विदाई वाले दिन मेरी बातो को याद करके वो सभी रोयंगे, फिर भी मुझे तुम्हारे साथ  भेज देगे ! क्या तुम जानते हो ? मैं अपने परिवार से बहुत प्यार...

अगर बस में मेरे होता

अगर बस में मेरे होता, तो आसमान से तारे तोड़ लाती , अगर बस में मेरे होता तेरे कदमो में जन्नत बिछाती , अगर बस में मेरे होता तुझे दुनिया की सेर करा , एक नया ही जहां दिखलाती और तेरी राहों में फूल बिछाती , अगर बस में मेरे होता तो तेरे ख्वाब की हक़ीक़त बनती और तेरे सपने सच करती अगर बस में मेरे होता तो मैं खुद को तेरा आईना बनाकर अपनी पहचान बनती और तेरी तरह cute बन जाती...

एहसास

हर पल जो दिल को छू जाये कोई ऐसा एहसास लिखो, ख़ामोशी भी ज़ुबान बन जाए कोई ऐसी बात लिखो, हर लम्हा एक पल ठहर जाये कोई ऐसा इत्तेफाक लिखो, लिखने की हर हद पार हो इस कदर दिन रात लिखो, जिस पर हो उस चाँद का साया , आसमान के उन तारो की बारात लिखो, जिसे पढ़कर आंसू भी ना थम पाए , किसी वक़्त के ऐसे हालात लिखो, पूरी ज़िन्दगी कुछ शब्दों में ही उतर जाए उन शब्दों में कुछ ऐसा ख़ास लिखो, तेरा साथ पाकर मेरा हर लम्हा खूबसूरत बन गया, साथ तेरा जो मिला तो दिल को सुकून मिल गया, अब ना छोड़ेंगे तेरा साथ कभी........

मोहब्बत

मुझे उनसे बहुत मोहब्बत हो गई, अरे ये क्या कयामत हो गई, रातों की नींदें उड़ गई, दिन का चैन खो गया, मेरे दिल की तारें उनके दिल से जुड़ गई, हर रोज मेरी आंखे उनकी राह देखती है, और मन मे हर रोज एक नई किरण बनती है खुदा भी एक बार महरबानी हो जाए, और कबूल कर ले मेरी ये पुकार तो खुल जायेंगा अपने ये नसीब जब होंगे मेरा gugu मेरे करीब.............

तुझको चाहने लगी

दुनिया से मैं छिप – छिपाते , ना जाने कब तुझको चाहने लगी ! ना चाहते हुए भी चुपके-2 से तेरे पीछे आने लगी !   तुझे देखे बिना ना ही नींद आती और ना ही चैन मिलता है लगता है , ये दीवाना दिल तेरी यादो में खो गया है । मुझे तेरी यादो में रातों को रोने आता है !   सोचती हूँ , क्या है तेरा और मेरा रिश्ता ? जो तुम मुझे बहुत याद आते हो ,   काश ! तुम मेरे होते ,   फिर रोज नए सबेरे होते , लेकिन ये हो ना सका ,  ऐसा क्यों हुआ किस बात की सजा मिली हम दोनों को... कहा जाये,  किसे बताये इस दिल की बाते............

जाने क्या रिश्ता है जाने क्या नाता है तुमसे.........

जाने क्या रिश्ता है जाने क्या नाता है तुमसे अनजाना सा एहसास है अनजानी सी राह है जाने क्या चाहता है यह बावरा मन इसकी लीला यही जाने ना कहुँ तुझे चाँद का टुकड़ा ना कहुँ तुझे मेरे लिये बनाया है बस इतना कहुँ कि तू जीने का सहारा है जाने क्या रिश्ता है तुमसे जाने क्या नाता है अनजानी सी राहों पर चलना अनकही बातें महसूस करना हर आहट में तुझे महसूस करना शायद तुम्हे याद करने के तरीके बन गये है तेरी आँखों की नमकीन मस्तियाँ क्यों घायल करे मुझे इन एहसासों को कैसे बाँधू मैं मैं खो जाऊँ तुम्हारी इन नशीली आँखों में मैं फिर कहा जोर इस ज़माने को जाने क्या रिश्ता है क्या नाता है तुमसे

क्या अब तुम्हे मेरी बहुत याद आती होगी???????????

" hello Pagel !   कैसे हो ?" अरे मैं भी ना , अच्छे ही होगे तुम। हाँ हाँ जानती हूँ , टाइम नहीं है तुम्हारे पास , बहुत काम जो होता है ऑफिस का तुम्हें और मैं चाहती भी नहीं कि तुम्हारे काम में कोई वांधा या फिर मेरे वजह से तेरे काम में कोई रुकावट ना आऐ इसीलिए तेरे लिए कुछ words लिख रही हूँ। समय लेगे तो पढ़ लेना................... अच्छा सुनो ! मैं तुम से कुछ पूछना चाहती हूँ , कुछ कहना चाहती हूँ ! एक बार पढ़कर भूल जाना। क्योंकि ये बात अब अंदर रख नहीं पाऊँगी और तुम से कहने की हिम्मत भी नहीं है , और ना किसी से share कर सकती हूँ Pagel   किसी को चाहने के लिए क्या-2 जरुरी है ?.... या फिर क्या किसी को चाहने के लिए दोस्ती में प्यार हो जाता है ? शायद हाँ। तो बस यही समझ लो मुझे भी हो गया था। अब देखो हंसना मत , और ज़्यादा उड़ना भी नहीं। पर हाँ , प्यार ही कहते हैं इसे जो मुझे हुआ है। मुझे तुमसे बहुत प्यार हुआ है हद से भी ज्यादा , और प्यार तुम से होता भी क्यों नहीं ,   क्योंकि तेरी बातें भी तो जादू की तरह असर करती थीं | मैं तो टूटे दिल के साथ घूमती थी बे फिक्...